जब भी अंकशास्त्र की बात चलती है तो जन्मांक के साथ नामांक की बात जरूर होती है । जन्मांक तो लगभग सभी को ज्ञात होता है परंतु नामांक क्या होता है इसकी जानकारी कम लोगों को ही होती है। अंक शास्त्र के अनुसार नामांक का व्यक्ति के जीवन में अहम रोल होता है और व्यक्ति के दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने के लिये भी अंकशास्त्री नामांक का सहारा ही लेते हैं।
जब हम बात करते हैं कि खली का जन्मांक 9 है और नामांक 12 है तो जिज्ञासा उत्पन्न होती है कि उनका जन्म 27 तारीख को होने से जन्मांक तो 2+7=9 हो सकता है परंतु नामांक 12 कहां से आ गया। या EMRAAN HASHMI का नामांक 37 TUSSHAR का 24 SUNIEL SHETTY का 45 INDIA का 12 DELHI का 18 नामांक होता है तो जिज्ञासा उत्पन्न होना स्वाभाविक होती है। अक्सर समाचार पत्रों में तथा टेलीविजन चैनलों पर भविष्यवाणी करने वाले अंकशास्त्री भी ये तो बता जाते हैं कि फलां राजनीतिज्ञ या अभिनेता, अभिनेत्री ने अपने नाम में कुछ बदलाव कर नामांक बदल दिया है पर कैसे बदला ये कभी नहीं बताते।
आइये हम जानते हैं कि नामांक की गणना कैसे की जाती है ?
A I J Q Y = 1
B K R = 2
C G L S = 3
D M T = 4
E H N X = 5
U V W = 6
O Z = 7
F P = 8
सदियों से इंगलिश के अक्षरों को दिये गये अंकों के आधार पर ही नामांक की गणना की जाती रही है। आज भी लगभग सभी देशी विदेशी अंकशास्त्री कहते और बताते भले ही कुछ भी हों नामांक की गणना इसी तरीके से करते हैं।
आपने देखा कि इन अक्षरों में से किसी को 9 अंक नहीं दिया गया है तथा इन अक्षरों को ये अंक कब और किसने दिये ये चर्चा हम बाद में कभी करेंगे। पहले हम आज के विषय पर आते हैं। अब आप भी इन ऊपर दिये गये अंकों से अपना नामांक निकाल सकते हैं। उदाहरणार्थ - RAVI नामांक 10, संयुक्त अंक 10 भाग्यचक्र के प्रतीक के रूप में जाना जाता है और सौभाग्यशाली अंक है। अगर रवि नाम के व्यक्ति की जन्मतिथि भी 1,10,19,2८ यानी एकल अंक 1 हो तो अंकशास्त्रियों के अनुसार उसे जीवन में किसी तरह की विफलता का सामना नहीं करना पड़ता। संयुक्त अंकों में कौन सा अंक भाग्यशाली है और कौन सा दुर्भाग्य शाली ये हम अगली पोस्टों में जानेंगे।