Sunday, February 23, 2014

केजरीवाल जी! खाँसी से निजात मिल सकती है

मुझे केजरीवाल जी की खाँसी, भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों में कम से कम एक समानता नजर आती है। जितना अधिक केजरीवाल जी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं उतना ही भ्रष्टाचारी सिर उठा रहे हैं ठीक उसी तरह जैसे केजरीवाल जी जितना अधिक खाँसी का इलाज करा रहे हैं वो उतना ही अधिक गला पकड़ रही है। भले ही केजरीवाल जी दोनों के ही बारे में ये कहते रहे हों कि पिछले दिनों के इलाज से ‘‘तकलीफ कम हुई है’’।

लेकिन क्या वास्तव में तकलीफ कम हुई है?

भ्रष्टाचार का तो मुझे नहीं पता क्योंकि उसका इलाज तो लाल किताब में भी नहीं है परन्तु केजरीवाल जी की बीमारी का इलाज अवश्य लाल किताब में है।

मैंने अक्सर केजरीवाल जी को टेलीविजन पर खाँसी से परेशान देखा है। कई जगह पड़ा भी है कि उन्होंने कई तरह के इलाज किये हैं परन्तु उनकी बीमारी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा।


क्यों?

हमारे पास डॉक्टर हैं, दवायें हैं, साधन हैं, पैसा है लेकिन इलाज नहीं हो रहा हो तो मेरे ख्याल से कोई बुराई नहीं है लाल किताब के उपाय करने में खास तौर पर जब उपाय बहुत आसान हों, बिना आडम्बर के हों।

सबसे पहले तो हम ये जानने की कोशिश करते हैं कि जन्म कुण्डली के हिसाब से ऐसी बीमारी होती कब है। मैंने अपने इससे पहले के आर्टिकल क्या आप दमा-साँस-अस्थमा के रोगी हैं में ये बताने की कोशिश की थी कि अक्सर फैफड़ों के रोग मनुष्य को क्यों और कब होते हैं। जब हम केजरीवाल जी की जन्म कुण्डली (जन्म दिनांक 16 अगस्त 1968 जन्म समय 23: 46 जन्म स्थान हिसार हरियाणा)को देखते हैं -

तो इसमें इस रोग के कारण स्पष्ट दिखाई देते हैं।
नीचे दिखाये चित्र में केजरीवाल जी की कुण्डली में खाना नम्बर 4 में बुध और बृहस्पति एक साथ दिखाई दे रहे हैं वहीं सूर्य और शुक्र भी है। साथ ही लाल किताब के उस पृष्ठ पर लाल घेरे में यह दिखाया गया है जिसमें ये बताया जा रहा है कि किस ग्रह से संबंधित कौन सी बीमारी है और किन दो ग्रहों के मिलने की वजह से यह बीमारी अत्यधिक परेशान करती है।
साथ ही नीचे लाल किताब के कुछ अंश हैं जिनमें यह बताया गया है कि जब कभी भी बीमारी तंग करे तो फौरन उस ग्रह से संबंधित ग्रह का जो उस बीमारी से संबंधित ग्रह है उपाय करें तो मदद हो जायेगी। दो ग्रहों के एक साथ होने से होने वाली बीमारी के लिये उस ग्रह का उपाय करें जिसके असर से दूसरा साथी मिला हुआ ग्रह भी बरबाद हो रहा है।


केजरीवाल जी की जन्म कुण्डली में बृहस्पति से संबंधित बीमारी सांस-फैफड़े की बीमारी, बृहस्पति-बुध से संबंधित बीमारी दमा-साँस की तकलीफ, साफ दिखाई पड़ती है।

Wednesday, September 9, 2009

09-09-09 नहीं 09-09-2009 है जनाब!

सितम्बर का महीना प्रारम्भ हुआ और ज्योतिषी,अंकशास्त्री,न्यूज चैनल तथा समाचार पत्रों ने इस महीने में पड़ने वाले तीन 9 को अपनी मर्जी से अनोखा योग प्रचारित कर अपनी अपनी रोटियां सेंकनी प्रारम्भ कर दीं। कमाल तो ये था कि कई कंपनियों ने तो इस योग के उपलक्ष्य में अनोखी स्कीमें जनता के सामने पेश की जिनमें बीएसएनएल भी शामिल है। सनसनी फैला कर पैसा और दर्शक जुटाना हमारे न्यूज चैनलों और फिल्मों का आजमाया हुआ सफल फार्मूला है। न्यूज चैनलों पर चलने वाले एक-एक घण्टे के कार्यक्रमों के डरावने शीर्षक इतने आकर्षक होते हैं कि दर्शक शीर्षक से संबंधित ‘‘कुछ खास’’ के चक्कर में टेलीविजन से चिपक जाते हैं परंतु सिर्फ विज्ञापनों को झेलकर समय बरबाद करने के अलावा कुछ हासिल नहीं होता। हद तो तब हो जाती है जब सनसनी फैलाने वाले कार्यक्रमों के शीर्षकों को सही साबित करने के लिये विषय विशेषज्ञों के जरिये गलतबयानी करवाई जाती है और न्यूज चैनलों पर दिखाये जाने वाले अपने मुखड़ों के लोभ में वे विशेषज्ञ भी जानबूझकर उन शीर्षकों को सच साबित करते तथ्य तोड़ मरोड़कर पेश करके अपने पेशे के साथ अन्याय करते हैं। शायद इसके पीछे उनकी सोच ये रहती है कि भारत की भोली भाली जनता कहां बारीकियां समझती है।

सितम्बर माह के प्रारम्भ में ही इंडिया टीवी द्वारा तिकड़ी की तिकड़म नामक कार्यक्रम पेश किया गया। आधार बनाया गया 9 सितम्बर 2009 को पड़ने वाली 9 की तिकड़ी को। ‘‘कहीं आपका नम्बर 9 तो नहीं’’ शीर्षक बार-बार दिखाकर 9 तारीख को पैदा होने वाले व्यक्तिों को डराया जा रहा था साथ ही सुप्रसिद्ध न्यूमेराॅलाॅजी विशेषज्ञ संजय जुमानी जी अपनी गणना करके ये बता रहे थे कि इस खास दिनांक का प्रभाव सभी मनुष्यों पर क्या होने वाला है। कार्यक्रम इस तरह पेश किया जा रहा था कि 9 दिनांक को पैदा होने वाले व्यक्तियों के लिये कुछ अनोखा होने वाला है प्रमाण के रूप में बार-बार पेश किया जा रहा था 09-09-09साथ ही ये बताया जा रहा था कि 9 सितम्बर को पडने वाले तिथि, माह एवं वर्ष के इस योग को कैसे भी योग किया जाये कुल 9 ही आने वाला था। जुमानी जी के चेहरे के भाव से ही स्पष्ट था कि इस कार्यक्रम के मूल में जो 999 दिखाया जा रहा था उसमें से छलपूर्वक अपने कार्यक्रम के शीर्षक को सही साबित करने के लिये 999 के बीच से जानबूझकर 2 गायब कर दिया गया था। परंतु वे यह सच दर्शकों के सामने कबूल नहीं कर सकते थे क्योंकि उनके ऐसा कहते ही इस कार्यक्रम का मतलब ही समाप्त हो जाना था।

देखिये - 9+9+9=27=2+7=9

ऊपर दिखाये जा रहे तीन 9 में तिथि, माह और वर्ष दिखाये गये हैं जो 9 सितम्बर 2009 के लिये हैं और इनका कुल योग भी 9 दिखाया गया है जबकि ये इस तरह हैं -
9+9+2+9=29=2+9=11=1+1=2

सितम्बर को कुल योग 29 और एकल अंक 2 आयेगा 9 नहीं। कमाल की बात ये है कि यह एक आम गणना है जो कि हर दस वर्ष बाद होती है इससे पहले 9 सितम्बर 1999 को भी यही गणना थी यदि इसमें से भी 1 गायब कर दिया जाये तो।

देखिये -9+9+999=45=9

अगर ऐसा कार्यक्रम बनाना ही है तो वह (संजय जुमानी जी, इंडिया टीवी, और 999 को बेवजह प्रचारित करने वाले जयोतिषी तथा अंकशास्त्री ध्यान से देख लें) 6991 वर्ष बाद बनेगा।

6991 वर्ष बाद तिथि,माह एवं वर्ष होगा 9 सितम्बर 9000 और उसको कहीं से भी जोड़ा जाये योग 9 ही आयेगा।

देखिये -9+9+9000=27=2+7=9

इस तिकड़ी के बाद इसी शताब्दी में तीन बार 9 की चैकड़ी भी बनेगी तिथि,माह एवं वर्ष होगा-9 सितम्बर 9009


9+9+9009=36=3+6=9

9 सितम्बर 9090


9+9+9090=36=3+6=9

9 सितम्बर 9099


9+9+9099=45=4+5=9

Tuesday, April 21, 2009

हिन्दी फिल्में और लकी फ्राइडे

अंक 6 का स्वामी ग्रह शुक्र है और फिल्म इण्डस्ट्री के लिये शुक्र बेहद शुभफलदायक माना जाता है इसलिये फिल्मों के निर्माता निर्देशक, उनके ज्योतिषी तथा अंक शास्त्री शुक्रवार को फिल्मों के लिये बेहद अहम मानते हैं शायद इसलिये हिन्दी फिल्में रिलीज भी शुक्रवार को ही की जाती हैं। अंक ज्योतिषियों की सलाह के अनुसार फिल्मों के शीर्षक अक्सर अंक 6 के बनाकर रखे जाते हैं किसी वजह से चुने गये शीर्षक का अंक 6 नहीं होता तो उसकी स्पेलिंग को तोड़ मरोड़कर अंक 6 का शीर्षक बनाया जाता है और फिर फिल्म के नाम से करिश्मे की उम्मीद की जाती है। देखिये -


KRRISH
(222135=15) (1+5=6)
TAARE ZAMEEN PAR
(41125 714555 812=51) (5+1=6)
WELCOME
(6533745=33) (3+3=6)
RAB NE BANA DI JODI
(212 55 2151 41 1741=42) (4+2=6)
ZINDAGGI ROCKS
(71541331 27323=42) (4+2=6)
YUVVRAAJ
(16662111=24) (2+4=6)
ZEHER
(75552=24) (2+4=6)
SHABD
(35124=15) (1+5=6)
KARZZZZ
(2127777=33) (3+3=6)
KRAZZY-4
(221771+4=24) (2+4=6)

उपरोक्त शीर्षकों में कुछ तो ऐसे लिये गये हैं जिनका अंक 6 आता है, कुछ तोड़ मरोड़कर बनाये गये हैं।
KRRISH में एक R, ZINDAGGI ROCKS के जिंदगी में एक G, YUVVRAAJ में एक Vऔर एक A,

ZEHER में Aकी जगह E, KRAZZY-4 में Z तथा KARZZZZ में तीन Z अतिरिक्त लगाये गये हैं। जबकि SHABD में से एक Aहटा कर उसका अंक 6 बनाया गया है।
ये तो सिर्फ कुछ उदाहरण हैं जबकि अधिकतर फिल्मों के शीर्षकों में कोशिश की जाती है कि उसका एकल अंक 6 आये। पिछले दिनों रिलीज हुई देहली-6 और बिल्लू का अंक भी 6 है। देखिये -


DELHI-6
(45351-6=24) (2+4=6)
BILLU
(21336=15) (1+5=6)

क्या बिल्लू बारबर से बारबर सिर्फ इसलिये हटाया गया नहीं हो सकता कि अंक 6 सिर्फ बिल्लू से ही बन रहा है क्योंकि किसी फिल्म के शीर्षक में फेर-बदल के लिये जैसा विरोध आवश्यक होता है वैसा तो कुछ हुआ नहीं और बिल्लू के प्रचार में लगाये गये पोस्टरों में बिल्लू बारबर ही चमक रहा था। इससे तो यही लगता है कि आखिरी समय में किसी अंकशास्त्री ने शाहरूख या गौरी खान को यह सुझाया कि BILLU BARBER (21336 212252=29) (2+9=11) (1+1=2)के अंकों का योग 29 और एकल अंक 2 आ रहा है जो अंकशास्त्र में अच्छा नहीं माना जाता और सिर्फ बारबर हटाने से अंक 6 बन रहा है जो फिल्मों के लिये लकी होता है इसलिये विरोध की हवा फैलाकर फिल्म से बारबर हटा दिया गया। यहां देखने लायक बात ये है कि शाहरूख खान का जन्मांक 2 है और उनका नामांक SHAHRUKH (35152625=29) (2+9=11) (1+1=2 भी 2 ही है इसलिये बिल्लू बारबर शीर्षक का संयुक्त अंक 29 सौभाग्यशाली न होने के बावजूद भी शाहरूख खान के लिये भाग्यशाली होता और शायद फिल्म बिल्लू बारबर शीर्षक के साथ अधिक सफल होती।

Sunday, April 19, 2009

राजनेताओं पर शनि के अंक 8 का प्रभुत्व

कुछ समय पहले मेरे एक ब्लागर मित्र ने मुझे बताया कि मेरे Numerology पर लिखे लेख अधिकतर अंक 4 और 8 पर ही क्यों आधारित रहते हैं और मैं दूसरे अंकों पर क्यों नहीं लिखता। बात बिलकुल सही थी मैंने सोच लिया था कि अगला लेख किसी भी दूसरे अंक पर लिखने की कोशिश करूंगा I
बहुत लम्बे समय बाद जब आज मैं लिखने बैठा तो मेरे सामने ताजा विषय था भारत में हो रहे लोकसभा चुनाव I
इस समय इंटरनेट पर पूरी तरह छाये पी.एम. इन वेटिंग लाल कृष्ण आडवाणी जी के जन्म दिनांक की जानकारी लेते ही मेरे सामने जो अंक आया वो 8 था। क्योंकि आडवाणी जी का जन्म दिनांक 8 नवम्बर 1927 है।
फिर कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के दावेदार मनमोहन सिंह जी का जन्म दिनांक देखा तो अंक 8 था। मनमोहन सिंह जी जन्म 26 सितम्बर 1932 को हुआ है 26 यानी (2+6=8)

बीजेपी के स्टार प्रचारक नरेन्द मोदी का जन्मांक मिला 8 उनका जन्म 17 सितम्बर 1950 को हुआ था 17 यानी (1+7=8)
नरेन्द्र मोदी के साथ ही आजकल भारतीय जनता पार्टी के पोस्टरों में प्रमुखता से नजर आ रहे भड़काऊ भाषण देने के आरोप में अचानक स्टार बने वरूण गांधी की प्रोफाइल देखी तो अंक मिला 4 वरूण गांधी की जन्मतिथि 13 मार्च 1980 है। 13 यानी (1+3=4)
वहीं से लगे हाथों मेनका गांधी को क्लिक किया तो फिर अंक मिला 8 मेनका गांधी का जन्म भी 26 अगस्त 1956 को हुआ है। 26 यानी (2+6=8)
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी के जन्मांक 8 देखने के बाद मेरी इच्छा अमरीका और पाकिस्तान के प्रमुख बराक ओबामा और आसिफ अली जरदारी के जन्मांक ज्ञात करने की हुई और देखिये अंक फिर मिला 4 और 8
ओबामा का जन्म 4 अगस्त 1961 को हुआ था और पाकिस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी 26 जुलाई 1955 को पैदा हुये हैं। 26 यानी (2+6=8)
ऐसा नहीं है कि अंक 4 और 8 के अलावा दूसरे अंकों का मनुष्य के जीवन में कोई महत्व नहीं होता। दूसरे अंक 1, 3,5,6 के प्रभाव वाले मनुष्य अधिकतर निश्चित जीवन जीते हैं यहां मैंने अंक 2,7, और 9 का उल्लेख इसलिये नहीं किया क्योंकि अंक 2 और 7 पर अंक 4 और 8 का प्रभाव अधिक होता है इसलिये उनके जीवन में भी उतार चढाव आते रहते हैं वहीं अंक 9 मंगल ग्रह के स्वामित्व के चलते अंक 8 से टकराव वाली स्थिति में रहता है इसलिये अंक 9 के प्रभाव वाले मनुष्य अक्सर दुर्घटनायें झेलते रहते हैं।
मैंने अपने पिछले कई लेखों में यह स्पष्ट किया है कि अंक 4 और 8 वाले मनुष्य असाधारण होते हैं और विधि विधान के अनुसार उनके साथ अनिश्चिततायें लगी रहती हैं। वे सामान्य जीवन जीने की कोशिश करते हैं परंतु ऐसा संभव नहीं हो पाता। अंक 8 के बारे में तो यह माना भी जाता है कि इसके प्रभाव वाले व्यक्ति या तो अर्श पर होते हैं या फर्श पर। जो जमीन पर होते हैं वे कब आसमान छूने लगे और जो आसमान पर होते हैं वे कब जमीन पर गिरते हैं यह पता नहीं होता। शायद इसलिये भारतीय जनमानस में शनि ग्रह को अधिक महत्व दिया जाता है।
क्या स्थिति हो सकती है लोकसभा चुनावों के बाद इस संभावना पर अगले लेख में विचार करेंगे क्योंकि लोकसभा चुनाव में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रधानमंत्री पद के दावेदार अंक 8 के साथ सबसे ऊपर हैं और टकराव 8 के साथ 8 का ही है तो परिणाम बेहद चैंकाने वाले होंगे इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

Sunday, September 28, 2008

अटल बिहारी वाजपेयी और बंगला नम्बर 8

मानव जीवन पर शनि ग्रह के दुष्प्रभाव से तो सभी परिचित हैं परन्तु शनि के अंक 8 का जो भयावह खाका ट्रिपल 8 (8-8-2008=8+8+2+8=26=2+6=8) को न्यूज चैनलों द्वारा खींचा गया उस वजह से लोग अंक 8 से भी बेहद डर गये हैं। उस दिन को समाचार चैनलों ने इतना दहशत भरा बना दिया था कि लोग अपने मोबाइल नंबर, फोन नंबर, बैंक एकाउंट नंबर, वाहन नंबर जोड़ने में लग गये थे कि कहीं उनका योग 8 तो नहीं हो रहा। एक अति उत्साही न्यूज चैनल ने तो उस दिन को प्रलय का दिन घोषित कर दिया था जबकि आश्चर्य ये था कि उस चैनल पर बैठे कई विद्वानों में से एक ने भी उसके संचालकों को यह नहीं बताया था कि उस चैनल के नाम से जो अंक बन रहा था वो भी 8 ही था। इन्हीं चैनलों की मेहरबानी से अब शनि ग्रह के साथ अंक 8 की चर्चा भी निरंतर होने लगी है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कृष्ण मेनन मार्ग स्थित बंगला नम्बर को लेकर अंक 8 फिर चर्चा में है। ये बंगला जब अटल जी को आवंटित किया गया था तो इसका नंबर 8 था परंतु न्यूमेरॉलॉजिस्ट की सलाह पर उसका नम्बर बदलकर 6ए कर दिया गया था इसको लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और नगरीय प्रशासन मंत्रालय से यह जानकारी चाही गयी कि कोई आम आदमी भी चाहे तो क्या उसके मकान नम्बर में परिवर्तन हो सकता है
प्रश्न ये है कि क्या वाकई अंक 8 हर मानव के लिये विपत्ति लेकर आता हैक्या किसी भी व्यक्ति को अंक 8 के मकान में निवास नहीं करना चाहिये ? घ्होता ये है कि सभी राशियां सभी नक्षत्र, सभी अंक शुभ और अशुभ फलदायी होते हैं और ये मानव के जन्म समय के नक्षत्रों की स्थिति अनुसार शुभ और अशुभ फल देते हैं। मनुष्य का समय जब अच्छा होता है तब तो इन बातों पर वो ध्यान नहीं देता जबकि बुरा समय प्रारम्भ होते ही उसका ध्यान इस तरफ जाने लगता है। अंक 8,4,और 9 बेहद शक्तिशाली अंक होते हैं। दूसरे अंकों की तुलना में इन अंकों के शुभ और अशुभ फल अधिक दिखाई देते हैं। अंक 8 में ही इतनी शक्ति पाई जाती है कि जिस मनुष्य के लिये अंक 8 शुभफलदायी होता है उसे जमीन से उठाकर आसमान की बुलंदियों पर पहुंचा देता है।
हालांकि अटल जी का जन्म दिनांक 25=2+5=7 है परंतु उनके जीवन पर अंक 8 और 4 का प्रभाव अधिक है। इन्हीं अंकों की शक्ति ने उन्हें एक छोटे से शहर की राजनीति से उठाकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाया।
वर्तमान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी भी अंक 8 के ही शुभ फल के कारण अपने दिग्गज प्रतिद्वंदियों को पछाड़ते हुये प्रधानमंत्री बने।मनमोहन सिंह का जन्म दिनांक 26=2+6=8 को हुआ और इनका नाम अंक MANMOHAN SINGH (41547515 31535 =49=4+9=13=1+3=4) है। इस संबंध में मैं पहले अपने लेख ``अंक शास्त्र की सत्यता को जानने के कुछ आसान उपाय´´ में बता चुका हूं कि जन्म अंक 8 वाले व्यक्ति का नामांक अधिकतर 4 या 8 होता है।
वहीं लालकृष्ण आडवाणी, नरेन्द्र सिंह मोदी, मुलायम सिंह, और लालू यादव भी अंक 4 अथवा अंक 8 के ही प्रभाव से राजनीति के शिखर पर पहुंचे हुये हैं। इनमें लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8-11-1927 यानि जन्म अंक 8, नाम अंक भी 8 है।
देखें - Lal Krishna advani (313 2213551 146151=44=4+4=8)
नरेन्द्र सिंह मोदी का जन्म 17-9-1950 को हुआ और उनका जन्म अंक भी 17=1+7=8 है। इसी तरह उनका नाम अंक भी 4 है।
देखें- Narendra Singh Modi (51255421 31535 4741=58=5+8=13=1+3=4)
मुलायम सिंह यादव का जन्म जहंा दिनांक 22 को हुआ है वहीं लालू प्रसाद यादव का सही जन्म दिनांक पता नहीं है परंतु उनके नाम अंक का कुल योग 4 एवं 8 है।
देखें -Lalu Yadav (3136 11416=26=2+6=8)
इनके अलावा भी अधिकतर बेहद सफल (खास तौर पर ऐसे लोग जो बिना साधनों के अत्यधिक सफलता अर्जित करते हैं) व्यक्ति जन्म अथवा नाम अंक 8 से संचालित होते हैं। यहां तक कि मुगल साम्राज्य के सबसे सफल शासक अकबर (Akbar 12212=8) का नाम अंक और जन्म अंक 8 ही था। प्रश्न ये है कि यदि उपरोक्त सभी बातें सही हैं तो फिर अंक 8 से बचने की सलाह क्यों दी जाती है। मेरा मानना है कि अंक 8 से उन लोगों को बचना चाहिये जिनके जीवन में हर कार्य में अंक 8 आड़े आता हो और सारी सुविधाओं और साधनों के वे व्यक्ति असफल जीवन बिता रहे हों। उन्हें तुरंत अंक 8 को त्याग देना चाहिये, उन्हें अंक 8 के मकान नम्बर में नहीं रहना चाहिये लेकिन वे जो अपनी क्षमता से भी अधिक अंक 8 के कारण सफलता अर्जित कर रहे हों उन्हें वक्ती असफलताओं से घबरा कर अंक 8 का त्याग नहीं करना चाहिये क्योंकि अंक 8 यदि शुभ फल दे रहा हो तो मनुष्य की सफलता में कोई बाधा आ ही नहीं सकती। और अशुभ फल तो मनुष्य के जीवन के प्रारम्भ में ही दिख जाता है क्योंकि जिसके लिये अंक 8 अशुभफलदायी है उसका जीवन स्तर ऊपर उठ ही नहीं पाता है।

Friday, June 13, 2008

अंक ज्योतिष की सत्यता को परखने के कुछ आसान तरीके

कोई अंकशास्त्र की सत्यता को परखना चाहता है तो उसे थोड़ी गहराई से अंक 4 (जन्म तिथि 4,13,22,31) तथा अंक 8 (जन्म तिथि 8,17,26) वाले लोगों के जीवन का अध्ययन करना पड़ेगा। वैसे तो सभी मनुष्यों के जीवन पर उनकी जन्म तिथि या जन्मतिथि से संबंधित अंकों का प्रभाव हमेशा होता है परंतु अंक 4 और 8 वाले इस मामले में कुछ अधिक ही प्रभावित होते हैं। हालांकि अंकशास्त्र में इन अंकों को अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता, इन अंकों से प्रभावित व्यक्तियों को भी अंकशास्त्री हमेशा इनसे बचने की सलाह देते हैं परंतु जमीन से आसमान की बुलंदियों पर पहुंचाने की शक्ति भी इन अंकों में ही होती है और यही विरोधाभास इन अंकों कों अंकशास्त्रियों के शोध पत्रों में अधिक जगह दिलाता है।

आप किसी का नाम अंक जोिड़ये यदि उसका अंक 4 या 8 आये तो उसकी जन्मतिथि पूछ लीजिये अक्सर वो इन्हीं अंकों से संबंधित होती है।

एक उदाहरण देखिये : अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बराक ओवामा का जन्म 4 अगस्त 1961 को हुआ।

जन्म तिथि 4

1961 को आपस में जोड़ने से 17 आता है और 17 को फिर आपस में जोड़ने पर अंक 8 आ जाता है। अगस्त माह का क्रमांक 8 है।

इनका प्रचलित नाम अंक

Barack Obama (212132 72141)

ऊपर दिये अंकों को आपस में जोड़ने पर अंक 26 आता है जिसे फिर आपस में जोड़ने पर अंक 8 आ जाता है।

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिये चुनाव नवम्बर में होने वाले हैं और वो दिन बराक ओबामा के जीवन का सबसे बड़ा दिन होगा। और वो तिथि भी 4 है।

बराक ओबामा के जीवन में अंक 4 और अंक 8 का बहुत योगदान है। उनके जीवन की लगभग हर घटना से यह अंक जुड़ा हुआ है जिसकी चर्चा हम बाद में कभी करेंगे।

दूसरा उदाहरण देखिये

हिलेरी िक्लंटन का जन्म 26 अक्टूबर 1947 को हुआ।

जन्म तिथि 26 को आपस में जोड़ने पर अंक 8 आता है।

हिलेरी िक्लंटन का प्रचलित नाम अंक
Hillary Clinton (5133121 3315475)

ऊपर दिये अंकों को आपस में जोड़ने पर अंक 44 आता है और फिर इन्हें आपस में जोड़ने पर अंक 8 आ जाता है।

दुनिया में अंक 4 और 8 की तिथियों में जन्मा शायद ही कोई मनुष्य हो जो अपने जीवन में इन अंकों के अच्छे और बुरे प्रभाव से इंकार करेगा। आश्चर्य की बात ये है कि अधिकतर दुघZटनायें भी इन्हीं अंकों से जुड़ी होती हैं और बड़ी सफलतायें भी इन्हीं अंकों से जुड़ी होती हैं। अंक 4 और 8 वालों के नाम अंक अक्सर इन्हीं अंकों पर रखे जाते हैं या प्रचलित हो जाते हैं

(नाम अंक निकालने के लिये नीचे दी गई तालिका देखें)।

4 या 8 अंक के कुछ मनुष्यों को छोड़कर अधिकतर इन अंकों की तिथियों में जन्मे लोगों के नाम प्राकृतिक व्यवस्था के अनुसार इन्हीं अंकों पर रख दिये जाते हैं या उनका कोई ऐसा उपनाम प्रचलन में आ जाता है जो उनके असली नाम को दबा देता है और प्रचलन में आये नाम का अंक 4 या 8 ही होता है। और एक कारण ये भी है जो अंकशास्त्र की सत्यता पर विश्वास दिलाता है।

अंक 4 और 8 से संबंधित व्यक्तियों के मकान नम्बर का योग अक्सर 4 या 8 होता है।

आप किसी का नाम अंक जोिड़ये यदि उसका अंक ४ या 8 आये तो उसकी जन्मतिथि पूछ लीजिये अक्सर वो इन्हीं अंकों से संबंधित होती है।

अब जमीन से उठकर आसमान की बुलंदियां छूने वाले किसी व्यक्ति की जन्मतिथि पता कीजिये और उसके नाम अंक जोिड़ये अक्सर समान होते हैं।

उदाहरण देखिये

Shahrukh (35152625)

शाहरूख के नाम अंक जोड़ें तो 29 का अंक प्राप्त होता है जिसे आपस में जोड़ने पर 11 और फिर जोड़ने पर 2 आता है। और उनकी जन्म तिथि भी 2 है।

बहुत घनिष्ठ मित्र की जन्मतिथि और नाम अंक पता कीजिये आपकी जन्मतिथि या आपका नाम अंक उसकी जन्मतिथि या नाम अंक से मेल खाते हुये मिलेंगे।

आपकी जन्मतिथि से संबंधित तिथि (उदाहरण : जन्मतिथि 1 तिथि 1,10,19,28) में आपका मन प्रसन्न रहेगा। आपके काम आसानी से निपट जायेंगे और आपको जीवन बहुत आसान लगेगा।

ये थीं कुछ ऐसी बातें जो ये बताती हैं कि पूरी दुनिया में अंकों की तरफ लोगों का झुकाव क्यों होता है। आप भी चाहें तो अपने जीवन की मुख्य घटनाओं से अपने नाम अंक या अपनी जन्मतिथि से मिलान कर देखें बहुत कुछ समान मिलेगा।

Tuesday, June 3, 2008

बिहार के नाम को बदलकर विहार कर दिया जाये तो ...

मैंने कुछ देर पहले ``लालू जी अंक शास्त्र के आइने में´´ एक लेख लिखा परंतु कुछ एडिट करते समय पता नहीं कैसे मुझसे डिलीट हो गया। बहुत समय लगा था उसे लिखने में, दुख हुआ लेकिन कुछ सीखने को मिला। अब लालू जी के बारे में फिर कभी, फिलहाल तो बिहार के नाम अंक को देखते हैं। आखिर ऐसा क्या है Bihar नाम में जो बिहार को देश के सबसे गरीब और पिछड़े प्रदेशों में गिना जाता है।
Bihar (21512=11)
बिहार का नाम अंक 11 बनता है और Numerology में संयुक्त नाम अंक 11 को अशुभ माना जाता है। इस अंक के साथ कठिनाईयां और संघर्ष हमेशा चलता रहता है। बिहार बौद्ध विहार शब्द का विकृत प्रचलित रूप है। और यदि बिहार की स्पेलिंग में मात्र B की जगह V लगा दिया जाये तो वो विहार हो जायेगा जो सही भी है और Numerology की गणना में उसका नाम अंक Vihar (61512=15) हो जायेगा जो चमत्कारिक और अधिकारसम्पन्न अंक है।
केन्द्रीय सरकार, प्रदेश सरकार, नीतिश कुमार, लालू प्रसाद यादव बिहार को अग्रणी राज्यों में लाने की भरसक कोशिश कर चुके हैं परंतु यह संभव नहीं हो पाया है। क्यों न उसका नाम बदलकर कुछ करिश्मे की उम्मीद की जाये। आखिर बम्बई को मुम्बई कलकत्ता को कोलकाता किया गया और उडीसा को ओडीसा किया जा रहा है तो फिर बिहार की जनता और बिहार के भविष्य की खातिर उसे विहार कर दिया जाये तो क्या बुराई है।
नाम अंक जानने की तालिका

A I J Q Y = 1
B K R = 2
C G L S = 3
D M T = 4
E H N X = 5
U V W = 6
O Z = 7
F P = 8
उदाहरण Bihar (21512=11)